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वक्री ग्रह 2026 कैलेंडर

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वक्री ग्रह 2026 कैलेंडर


2026 में वक्री ग्रहों (Retrograde Planets) के प्रमुख चरणों की जानकारी देने से पहले, यह जानना जरूरी है कि वक्री ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन पर खासतौर पर संचार, यात्रा, तकनीकी उपकरणों, और रिश्तों में गड़बड़ी पैदा कर सकता है। जब कोई ग्रह वक्री होता है, तो वह पृथ्वी से इस प्रकार दिखाई देता है जैसे वह पीछे की ओर गति कर रहा हो।

2026 में वक्री ग्रहों के प्रमुख चरण इस प्रकार होंगे:

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1. बुध वक्री (Mercury Retrograde)

बुध हर साल तीन या चार बार वक्री होता है, और यह संचार, यात्रा, और तकनीकी समस्याओं का प्रतीक होता है।

  • तारीखें:

    * 29 अप्रैल 2026 - 23 मई 2026 (वृषभ - मेष)
    * 27 अगस्त 2026 - 20 सितंबर 2026 (कन्या - सिंह)
    * 23 दिसंबर 2026 - 13 जनवरी 2027 (मकर - धनु)

    प्रभाव:

  • संचार में गलतफहमियाँ
  • तकनीकी समस्याएँ (फोन, कंप्यूटर, इंटरनेट)
  • यात्रा में दिक्कतें
  • पुराने मामलों और रिश्तों का उभरना

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    2. शुक्र वक्री (Venus Retrograde)

    वह ग्रह जो प्रेम, सौंदर्य, धन, और रिश्तों को नियंत्रित करता है। जब शुक्र वक्री होता है, तो यह प्रेम संबंधों और वित्तीय मामलों में उलझनें पैदा कर सकता है।

  • तारीख:

    * 22 जुलाई 2026 - 4 सितंबर 2026 (लियो)

    प्रभाव:

  • प्रेम संबंधों में तनाव
  • धन संबंधी समस्याएँ
  • पुराने रिश्तों का पुनरुत्थान
  • अपनी छवि और आत्म-सम्मान पर पुनर्विचार

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    3. मंगल वक्री (Mars Retrograde)

    मंगल जब वक्री होता है, तो यह हमारी ऊर्जा, आत्मविश्वास और कार्यशक्ति पर प्रभाव डालता है। यह समय कार्यों में रुकावट, संघर्ष और असफलताओं का हो सकता है।

  • तारीख:

    * 9 सितंबर 2026 - 13 नवंबर 2026 (मेष - वृषभ)

    प्रभाव:

  • ऊर्जा और उत्साह में कमी
  • योजनाओं में अड़चनें
  • शारीरिक कार्यों और फिटनेस में रुकावट
  • रिश्तों में संघर्ष

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    4. बृहस्पति वक्री (Jupiter Retrograde)

    बृहस्पति जब वक्री होता है, तो यह हमारे विश्वासों, ज्ञान, और आस्थाओं पर असर डालता है। यह समय पुराने विश्वासों और आध्यात्मिक मामलों की समीक्षा करने का होता है।

  • तारीख:

    * 5 मार्च 2026 - 30 मई 2026 (मीन)

    प्रभाव:

  • आध्यात्मिक पुनः-समीक्षा
  • विश्वासों और विचारों में बदलाव
  • पुराने अध्ययन और ज्ञान से जुड़ी समस्याएँ
  • यात्रा और शिक्षा के संदर्भ में रुकावटें

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    5. शनि वक्री (Saturn Retrograde)

    शनि जब वक्री होता है, तो यह हमारी जिम्मेदारियों, कार्यों, और समय के प्रबंधन पर असर डालता है। यह समय अनुशासन, मेहनत और जीवन के उद्देश्य पर पुनः विचार करने का होता है।

  • तारीख:

    * 17 मार्च 2026 - 4 अगस्त 2026 (मकर)

    प्रभाव:

  • जीवन के लक्ष्यों की पुनरावृत्ति
  • पुराने कामकाजी और व्यक्तिगत मुद्दों का उभरना
  • जिम्मेदारी और अनुशासन में कमी
  • लंबी अवधि के लिए बने हुए प्रतिबंध

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    6. राहु और केतु वक्री (Rahu and Ketu Retrograde)

    राहु और केतु हर साल लगभग 18 महीने के अंतराल में वक्री होते हैं। यह राहु और केतु के वक्री होने का समय ज्यादातर ग्रहों से जुड़े मामलों की गहरी स्थिति को उभारता है।

  • राहु वक्री:

    * 21 फरवरी 2026 - 30 जुलाई 2026 (मेष - वृषभ)

  • केतु वक्री:

    * 21 फरवरी 2026 - 30 जुलाई 2026 (तुला - वृश्चिक)

    प्रभाव:

  • जीवन में गहरे मानसिक बदलाव
  • गलत दिशा में यात्रा और जीवन की दिशा
  • पुराने karmic मुद्दों का उभरना
  • आत्मनिरीक्षण और मानसिक चुनौतियाँ

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    सारांश:

    2026 में वक्री ग्रहों के प्रभाव से आपको संचार, प्रेम संबंध, वित्तीय मामलों, शारीरिक स्वास्थ्य और यात्रा पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। वक्री ग्रहों का समय पुरानी चीज़ों को ठीक करने, आत्मनिरीक्षण करने, और जीवन के उद्देश्य पर विचार करने के लिए आदर्श होता है।

    यदि आप किसी विशेष ग्रह या घटना के बारे में और अधिक जानकारी चाहते हैं, तो मुझे बताएं!