AstronKundli Loading...

खाटू श्याम अवतरण दिवस | AstronKundali

आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि और आज के दिन देवउठनी एकादशी का व्रत किया जाता है. इस…

खाटू श्याम अवतरण दिवस
  • ashish nishad
  • Nov 01, 2025

खाटू श्याम अवतरण दिवस

आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि और आज के दिन देवउठनी एकादशी का व्रत किया जाता है. इस दिन जगत के पालनहार श्री हरि 4 माह के बाद योगनिद्रा से जागते है और इस दिन से ही सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है. कहा जाता है कि आज देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी करने वाले व्यक्ति के जीवन के सारे कष्ट खत्म हो जाता है. इसके अलावा आज बाबा खाटू श्याम जी का जन्म दिन है, जिन्हें भक्त हारे का सहारा कहते हैं और कलियुग के देवता मानते हैं. बाबा खाटू श्याम जी भगवान श्रीकृष्ण का कलयुगी अवतार हैं ऐसे में देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और खाटू श्याम जी पूजा करने से आपके जीवन के सारे कष्ट दूर हो सकते हैं।

कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति श्रद्धा भाव से खाटू श्याम जी की पूजा करता है और अपनी इच्छा उनके सामने रखता हैं, तो वो अपने हर भक्त की मनोकामना को पूरा करते हैं और हारे हुए व्यक्ति का भी सहारा बनते हैं. चलिए जानते हैं कि बाबा खाटू श्याम जी के जन्मदिन पर उनसे जुड़ी कुछ खास बातें और क्यों हो रही है कलयुग में खाटू श्याम जी की पूजा? 

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। इस एकादशी को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह दिन बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि इसी दिन से पूरे साल के सभी मंगल कार्यों की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी पावन तिथि पर खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन भी मनाया जाता है। भक्त इस दिन “हारे के सहारे” कहे जाने वाले श्याम बाबा का जन्मोत्सव पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खाटू श्याम जी का जन्म कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी देवउठनी एकादशी के दिन हुआ था। एक अन्य मान्यता के अनुसार देवउठनी एकादशी पर ही बाबा श्याम का पवित्र शीश खाटू धाम में प्रतिष्ठित किया गया था। तभी से देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी को उनके जन्मोत्सव के रूप में पूरे श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन खाटू धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और घरों में भी बाबा श्याम के भजन-कीर्तन गूंजते हैं। इस साल यह शुभ दिन 1 नवंबर 2025, शनिवार को पड़ रहा है।

सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ पीले या लाल रंग के वस्त्र धारण करें।

पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ करें और वहां गंगाजल का छिड़काव करें ताकि स्थान शुद्ध और पवित्र बन जाए।

अब एक चौकी या पटरे पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर खाटू श्याम जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

प्रतिमा के चारों ओर फूलों, मालाओं और गुब्बारों से सुंदर सजावट करें। चाहें तो दरवाज़े पर रंगोली भी बना सकते हैं। यह शुभ माना जाता है।

अब घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। बाबा को रोली, चंदन और फूलों की माला अर्पित करें।

फिर श्रद्धा से बाबा के मंत्रों का जाप करें — “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” या “जय श्री श्याम”। इनमें से कोई भी एक मंत्र 11, 21, 51 या 108 बार जप सकते हैं।

अब बाबा को उनका प्रिय भोग लगाएं- खीर, चूरमा, मिश्री या पेड़े खिलाएं।

पूजा के अंत में कपूर या घी का दीपक जलाकर आरती करें, घंटी बजाएं और बाबा के जन्मदिन के भजन गाएं।

पूजा पूरी होने के बाद प्रसाद को परिवार और आस-पड़ोस के लोगों में बांटें।

आशीष निषाद

Leave a Comment

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Recent Posts